GSP का पूरा नाम है Generalized System of Preferences और इसकी शुरुवात USA ने इस सोच के अंतरगत करी थी की इससे उन देशों को व्यापार मे मदद मिलेगी जो अभी Tax भर कर दूसरे देश जैसे की America के साथ व्यापार करने मे कुशल नहीं हैं। इसे 1974 मे U.S द्वारा Trade Act के दरमियान लागू किया गया था।

इस समय GSP चर्चा मे इसलिए है क्यूकी U.S ने भारत के कुछ Products से GSP हटाने का फैसला लिया है। आपको बता दें की भारत को 300+ Export Products पर GSP के चलते Tax पर छूट मिलती थी। अब America ने फैसला लिया है की वे इन 300+ Products मे से 50 Products पर से GSP हटाएँगे जिससे भारत को GSP से मिलने वाले फायदे मे कमी का सामना करना पड़ेगा।

 

पड़ोसी मुल्क क्यूँ माना रहा है भारत से GSP हटने की खुशी?

हमने और आपने एक कहावत ज़रूर सुनी होगी: “आधा ज्ञान शैतान का घर होता है” और इसी आधे ज्ञान के साथ पड़ोसी मुल्क मे यह चर्चा है की GSP का भारत के products से हटना भारत और U.S के संबंध मे उंच नीच का प्रतीक है। पहली बात जो उन्हे समझने की ज़रूरत है वह यह है की भारत US मे 300 से जादा products export करता है और US द्वारा उन सभी Products से GSP नहीं हटाई गयी है। इसका सीधा सरल अर्थ यह भी है की भारत अभी भी America के उन देशों की List मे है जिनहे GSP का फायदा मिल रहा है।

दूसरी बात यह है की भारत के बुद्धिजीवियों के साथ साथ पड़ोसी मुल्क के भी लोग यह मानते हैं कि भारत के जिन Products से GSP हटाई गयी है उससे भारत को कुछ खास फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि, ऐसा कहा जा रहा है कि कुछ न मिलने से अच्छा है कि भारत को GSP का पूरा फायदा मिल रहा था।

वैसे भी भारत एक बढ़ती हुई Economy है और हम आने वाले कुछ ही समय मे इतने सक्षम हो जाएंगे कि हमे किसी तरह के Favor कि ज़रूरत नहीं पड़ेगी। यह Scheme गरीब देशों के लिए है और कहीं न कहीं भारत के कुछ products का GSP से हटना इस बात का संकेत है कि भारत तेज़ी से प्रगति कि ओर प्रस्थान कर रहा है।

 

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